नव वर्ष की शुभकामनायें
नवल वर्ष का अभिनंदन
वन उपवन नूतन स्पंदन
लता-वृक्ष का आलिंगन
नीलाम्बर-वसुधा का चुम्बन
लिपटी-सिमटी कलि अवगुंठित
मादक मधुकर छेड़े गुंजन
निरख ऋतु श्रृंगारमयी
मेघराज भूले गर्जन.
षड्यंत्र विफल हो गये सभी
निर्झरिणी-सागर हुआ मिलन
लय संग अंगनिया आई , लो
यह नव-प्रभात की प्रथम किरण.
‘’निगम – परिवार’’