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Sunday, May 1, 2011

न उसके नमक को भुलाना सखा !

रिश्ते बनाना बड़ा ही सरल,
बहुत ही कठिन है निभाना सखा !
अगर जिंदगी में कोई शख्स आये
तो ये बात उसको बताना सखा !

हँसी में ,ख़ुशी में सभी साथ देंगे
मगर दुःख पड़ा तो,नहीं साथ देंगे
दुःख में तुम्हारे जो संग-संग चले
उसे मीत अपना बनाना सखा !

है मतलब की दुनियाँ
,है मतलब की यारी
तन और धन के सभी हैं शिकारी
जो थाली से अपनी,तुम्हें दे निवाला
न उसके नमक को भुलाना सखा !

-अरुण कुमार निगम
आदित्य नगर ,दुर्ग
छत्तीसगढ़