सियानी गोठ
जनकवि कोदूराम “दलित”
14. सज्जन
संगत सज्जन के करो , सज्जन सूपा आय
दाना – दाना ला रखय , भूँसा देय उड़ाय
भूँसा देय उड़ाय , असल दाना ला
बाँटय
फुन-फुन के कनकी , कोंढ़ा,गोंटी सब छाँटय
छोड़ो तुम कुसंग , बन जाहू
अच्छा मनखे
सज्जन हितुवा आय, करो संगत सज्जन के.