Thursday, April 26, 2012

सियानी गोठ


 सियानी गोठ 

जनकवि कोदूराम “दलित”

8.    धरती

धरती ला हथियाव झन, धरती सबके आय
ये महतारी हर  कभू  , ककरो संग न जाय
ककरो संग  न जाय  ,  सबो ला धरती देवो
करो दान  धरती के ,   पुण्य कमा तुम लेवो
देवो  ये  ला  भूमि - हीन  ,  भाई - बहिनी ला
सिरजिस हे भगवान,सबो खातिर धरती ला.

[धरती  -       भूमि को मत हथियावो ,भूमि सब की है. यह माँ कभी किसी के संग नहीं जाती. सब को भूमि दें. भू-दान करके पुण्य कमा लें. भूमिहीन भाई-बहनों को भूमि बाँटे. ईश्वर ने भूमि का सृजन सबकी खातिर किया है.]

3 comments:

  1. संदेश फरक रचनाएँ पढ़वाने के लिए आभार

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